शनिदेव का आशीर्वाद पाने के लिए शनि जयंती पर बरतें ये सावधानी, जानें क्या करना सही है और क्या नहीं!

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हर इंसान के जीवन में कोई ना कोई परेशानी होती है। इंसान की परेशानियों का कारण, कहीं ना कहीं उसके द्वारा किया गया कर्म होता है। कई बार इंसान जीवन में ऐसे काम करता है, जो उसे नहीं करने चाहिए। इसका पता उसे बाद में चलता है, लेकिन तब तक बहुत देर हो गयी होती है। जब वह कष्ट भोगता है, तब उसे पता चलता है कि यह कष्ट उसके पिछले पापों का नतीजा है।

न्याय के आधार पर देते हैं फल:

न्याय के देवता कहे जाने वाले शनिदेव इंसान को उसके कर्मों के आधार पर ही फल देते हैं। वह अच्छे कर्म करने वालों को सुख-समृद्धि देते हैं तो दूसरी तरफ जो बुरे कर्म करते हैं, उन्हें दंड देते हैं। इसीलिए कहा जाता है कि शनिदेव की आंखों से इंसान का कोई भी कर्म नहीं छिपता है। वह सब देखते हैं। शनिदेव को प्रसन्न करके उनकी कृपा पाने के लिए शनि जयंती का दिन बहुत ही खास होता है। कुछ सावधानियां बरतकर आप भी शनिदेव की कृपा पा सकते हैं।

तेल की मालिश करके करें स्नान:

शनि जयंती पर न्याय के देवता शनिदेव का आशीर्वाद पाने के लिए सूर्योदय से पहले जागकर शरीर पर सरसों के तेल की मालिश करें, तत्पश्चात स्नान करें। काले रंग की लोहे की चौकी लेकर उसपर काला कपड़ा बिछाएं, और विधिवत शनिदेव की पूजा करें। मंदिर जाकर शनिदेव की प्रतिमा के समक्ष काला कपड़ा और सुरमा जरूर अर्पित करना चाहिए।

शनिदेव को कला वस्त्र बहुत ही प्रिय है। सरसों के तेल का दिया जलाकर नीले या काले फूलों से उनकी पूजा करें। शनिदेव को प्रसाद के रूप में श्रीफल या अन्य फल अर्पित करें। इस दिन गाय, कौवे या काले कुत्ते को रोटी में सरसों का तेल लगाकर खिलाना अत्यंत शुभ होता है। इस दिन बुजुर्गों और जरूरतमंद व्यक्तियों की सहायता करें। उड़द से बनी हुई किसी वस्तु का दान करने पर शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

हनुमान जी की करें आराधना:

उड़द, लोहे के सामानों और तेल से बनी हुई चीजों का भोग लगाएं। पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इस दिन हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए। जरूरतमंद व्यक्तियों को शनिदेव की प्रिय वस्तुओं का दान करें। यह सब करने से शनिदेव की कृपा निश्चित रूप से आपके ऊपर बरसने लगेगी और आपके जीवन के सभी कष्ट खत्म हो जायेंगे।

शनि जयंती पर भूलकर भी ना करें ये काम:

*- शनि जयंती के दिन सूर्यदेव की पूजा नहीं करनी चाहिए।

*- इस दिन शनिदेव की मूर्ति या चित्र में आंखों में आंखें डालकर नहीं देखना चाहिए।

*- इस दिन भूलकर भी किसी प्रकार की यात्रा ना करें।

*- शनि जयंती के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।

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