मोदी ने लिया बड़ा फैंसला, बूंद-बूंद पानी के लिए तरसेगा पाकिस्तान

Loading...

56 साल पहले पंडित जवाहरलाल नेहरु ने पाकिस्तान के साथ सिन्धु जल समझौता किया था और उसके बाद संसद में खड़े होकर बयान दिया था कि पाकिस्तान के साथ शांति के बदले हमें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी ! लेकिन अब समय बदल गया है !

शांति के बदले आतंकवादियों के हमले अब भारत नहीं सहेगा ! मोदी जी अभी 4 देशो की यात्रा पर थे तो जाने से पहले उन्होंने सिंध जल समझौते पर एक बार फिर से समीक्षा बैठक करके रिपोर्ट सौंपने की बात की थी ! मोदी जी पाकिस्तान के बारे में अपनी विचारधारा पहले ही बता चुके है कि खून और पानी साथ साथ नहीं बह सकता !

पीएम मोदी हर तरह से पाकिस्तान को घेर रहे है ! इसलिए लिए हर मोर्चे पर प्रयास भी किये जा रहे है ! मोदी जी ने कहा था कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते और भारत अपने हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिज्ञाबद्ध है !

इससे पहले मोदी जी ने बयान दिया था कि गोली और बोली साथ साथ नहीं हो सकती ! मोदी जी ने अभी सिंधु जल समझौते पर को कदम नहीं उठाया है पर झेलम नदी पर बाँध बनाकर और उससे बिजली पैदा करने पर अपनी अनुमति दे दी !

अगले पेज पर जानिए कैसे मोदी सरकार बिना एक गोली दागे पाकिस्तान को बनाने वाली है रेगिस्तान….

केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री डा. संजीव बालियान ने बयांन दिया था कि 57 साल पुराने सिंधु जल समझौते को अभी भारत सरकार के पास विचाराधीन के लिए गया हुआ है ! सिंधु नदी पर डैम बना कर पाकिस्तान में पानी जाने से रोका जा सकता है !

बैठक में विचार किया गया है कि पाकिस्तान जाने वाली तीनो नदियों पर बाँध बनाकर बिजली बनाई जा सकती है और साथ में पाकिस्तान में भी पानी बहुत कम पहुंचेगा !

बैठक में ये भी कहा गया कि सिंधु जल समझौते में अभी कोई बदलाव न किया जाये ! किसी ने कहा की इस जल समझौते में चाइना का कोई रोल नहीं है इसलिए चिंता करने की जरुरत नहीं ! खैर भारत सिन्धु जल समझौते पर जो भी निर्णय लेगा उससे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा !

Loading...