7 फेरों के मौके पर हुआ कुछ ऐसा , दुल्हन ने दुल्हे से शादी करने से किया मना ..

Loading...

पी के हमीरपुर जिले में शादी के मंडप में दूल्हे की पोल खुलते ही दुल्हन भड़क गई और उसने सात फेरे लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद दूल्हे को बरात लेकर वापस लौटना पड़ा। दुल्हन ने मंडप में कहा- ‘ मैं इस धोखेबाज से किसी भी कीमत पर शादी नहीं करूंगी।ये है पूरा
मामला मौदहा थाना क्षेत्र का है। यहां लेवा गांव में सल्हू प्रजापति की बेटी चांदनी की शादी 24 मई को उरदना के परशुराम के साथ होनी थी।

परशुराम दूल्हा बनकर चांदनी के घर पहुंचा था। बरात का स्वागत सत्कार कन्या पक्ष के लोगों ने बड़े ही जोश के साथ किया था। शादी के मंडप में पहले तिलक की रस्में हुईं। जयमाला कार्यक्रम के कुछ देर बाद जैसे ही सात फेरे लेने की बारी आई तो दुल्हन भड़क गई।

लोगों के मुताबिक, किसी ने दुल्हन चांदनी को दूल्हे के बारे में ये बता दिया कि दूल्हे की पहले भी दो शादियां हो चुकी हैं और वो दो बच्चों का पिता है। ये बात सुनते ही दुल्हन के होश उड़ गए और उसने हिम्मत जुटाते हुए शादी के मंडप में दूल्हे को जमकर लताड़ा और शादी से इनकार कर दिया।
सिसोलर पुलिस का कहना है कि इस मामले को लेकर किसी भी पक्ष ने कोई तहरीर थाने में नहीं दी है। आपस में मामला निपटा लिया गया है।
दो बच्चों के पिता थे दूल्हे राजा

परशुराम प्रजापति की पहली शादी रानी के साथ कई साल पहले हुई थी। शादी के 4 महीने बाद ही रानी इसे छोड़कर भाग गई थी।
उसके बाद परशुराम ने दूसरी शादी ज्ञान देवी के साथ की। जिससे दो बच्चे हुए, लेकिन बीमारी के कारण उसकी मौत हो गई।

शादी के मंडप में दोनों पक्ष भिड़े

प्रत्यक्षदर्शि यों के मुताबिक, दूल्हे की हकीकत जानने के बाद कन्या पक्ष के लोगों ने दूल्हे और उसके परिजनों को खूब ताने दिए गए।
इस मामले को लेकर गांव में पंचायत बुलाई गई, जहां फैसले के बाद दूल्हे को बिना दुल्हन के ही यहां से लौटा दिया गया।
पहली बीबी सिर्फ 4 माह तक रही ससुरालराजाभइया के मुताबिक, परशुराम की शादी रैपुरा गांव में रानी के साथ हुई थी। जो चार माह बाद ही अपने
प्रेमी के साथ भाग गई थी।

बाद में उसने दोबारा शादी ज्ञान देवी से की थी। इससे दो बच्चे हुए फिर बीमारी में उसकी मौत हो गई थी।

जमीन वसीयत करने को भी राजी था वर पक्ष

26 मई को इम मामले में फिर से पंचायत बैठी। दूल्हे के पिता ने कहा कि शादी होते ही लड़के और बहू के नाम 5 बीघा जमीन की वसीयत कर दी जाएगी। इस प्रस्ताव को दुल्हन पक्ष के लोगों ने खारिज कर दिया। पंचायत के निर्णय के बाद दूल्हे के पिता को दुल्हन पक्ष को 43 हजार 585 रुपए नकद देने पड़े ।

Loading...