दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर बनने जा रहा है भारत में, देखें तस्वीरें

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भगवान श्री कृष्ण को समर्पित विश्व का सबसे ऊँचा भव्य विशाल मंदिर वृंदावन में बनाया जा रहा है ! इस मंदिर का नाम है चंद्रोदय मंदिर ! इस मंदिर की ऊंचाई कुतुबमीनार से तीन गुनी ऊँची है ! इस मंदिर की नीव विश्व में सबसे ऊँची मीनार बुर्ज खलीफा से भी तीन गुनी गहरी बनाई जा रही है ! वृंदावन में बनाए जा रहे इस चंद्रोदय मंदिर की ऊंचाई 700 फुट (210 मीटर) तक होगी !

कुतुबमीनार की ऊंचाई 72.5 मीटर है और इस मंदिर की ऊंचाई इससे तीन गुनी अधिक होगी ! जब यह मंदिर बनेगा तो इसको दुनिया का सबसे ऊँचा धर्मालय कहा जायेगा ! इस मंदिर की ऊंचाई के अतिरिक्त उसकी विशेषता इसकी सुन्दरता होगी, जो दूर से ही भक्तो को प्रभावित करेगी !
यह मंदिर 26 एकड़ में में बनाया जा रहा है,

जिसके चारो तरफ कृत्रिम जंगल बनाये जाएंगे !मंदिर के चारो तरफ उसी प्रकार का मंदिर बनाने की कोशिश की जाएगी, जैसा कृष्ण लीला में बताया गया है ! जब यह मंदिर पूरा बन जायेगा तो वृंदावन में कृष्ण भक्तो की कल्पना साकार हो जाएगी ! इस मंदिर के निर्माण में लगभग 700 करोड़ रूपये की लागत आएगी ! इस मंदिर के सबसे शीर्ष मंजिल को बृज मंडल दर्शन का नाम दिया जायेगा !

इस मंजिल से बृज के 76 धार्मिक स्थानों और ताजमहल को भी दूरबीन से देख सकेंगे ! अगले पेज पर इस भव्य मंदिर के बारे में यह बात जानकर आप हैरान रह जायेगे, लग रही हैं 4D तकनीक ……..

यह मंदिर इतना बड़ा बनाया जा रहा है कि इसका दर्शन करने के लिए भक्तो को तीन से चार दिन का समय लगेगा !2006 में इस कृष्णा मंदिर ने निर्माण के लिए इस्कॉन (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कांशियेसंनेस) के भक्तो ने रूप रेखा तैयार की थी ! 8 वर्ष बाद राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने 16 मार्च 2014 को इस मंदिर की आधार शिला रखी थी !

यह मंदिर 2022 तक बनकर तैयार हो जायेगा ! इस मंदिर को बनाने के लिए फ़िलहाल 1000 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे है ! एक वर्ष के बाद इस मंदिर में काम करने वाले मजदूरों की संख्या को तीन गुना कर दिया जायेगा ! इस मंदिर को बनाने के लिए 511 पिलर का निर्माण किया जा रहा है !
पिलर पर खड़े होने वाले इस मंदिर का वजन लगभग 5 लाख टन तक होगा !

जबकि इन पिलर में 9 लाख टन तक भार सहने की क्षमता होगी ! इस मंदिर में हाई स्पीड लिफ्ट लगाईं जाएगी ! लिफ्ट का निर्माण इस प्रकार से किया जायेगा कि किसी भारी तूफ़ान के कारण अगर मंदिर की बिल्डिंग एक मीटर तक झुक भी गई तो इसकी लिफ्ट सीधी चलती रहेगी ! लिफ्ट की दिशा और गति में कोई परिवर्तन नहीं हो सकेगा !

इस मंदिर का निर्माण द्रविड़ और नगर शैली में किया जायेगा ! यह मंदिर 200 वर्षो में सबसे आधुनिक मंदिर होगा ! इस मंदिर में 4D तकनीक की मदद से देवलोक और देवलीलाओ के दर्शन करवाये जायेगे ! इस मंदिर में श्री कृष्ण लीलाओ और गीतासार को जानने के लिए लाइब्रेरी और अन्य धार्मिक साधन भी उपलब्ध करवाए जायेंगे !

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