ब्रेकिंग न्यूज़ / कोबरा-एसटीएफ ने चलाया 96 घंटे का सीक्रेट मिशन, नक्सलियों को मारा भगा भगा कर देखे यहाँ

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छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर सीमा पर सीआरपीएफ, कोबरा, एसटीएफ और डीआरजी के 350 जवानों ने नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा 96 घंटे का ऑपरेशन चलाया है। यह आॅपरेशन पिछले महीने सुकमा में हुए बड़े नक्सली हमले के बाद चलाया गया है।सुकमा नक्सली हमले में 26 जवान शहीद हो गए थे और कई जवान घायल भी हुए थे, जिसके बाद केंद्र सरकार और सीआरपीएफ ने रणनीति बनाकर इस आॅपरेशन को अंजाम दिया है।

24 अप्रैल को सुकमा में नक्सलियों से लोहा लेते हुए 25 जवान शहीद हुए थे. इस घटना के बाद ये पहला बड़ा नक्सली ऑपरेशन है। छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया कि घने जंगल में जाकर हमारी फोर्स ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। गोलियां लगने के बाद माओवादियों की लाशें गिरते देखा गया। हालांकि न तो किसी के शव को और न ही उनके हथियारों को रिकवर किया जा सका।बताया जा रहा है की पहली बार नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों को भारतीय वायु सेना की मदद मिली।

पूरे अभियान के दौरान भारतीय वायु सेना के विमानों सुरक्षाबल के जवानों को  खाने-पीने की सामग्री पहुंचाई। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, माओवादियों के ख़िलाफ 3 दिनों तक ऑपरेशन चलाया गया। 100-150 की संख्या में नक्सलियों को घेरा गया था। खासबात ये थी कि पहली दफा माओवादी कोबरा जवानों की वर्दी में देखे गए. इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ, डीआरजी, ज़िला बल और कोबरा के जवान शामिल थे।

नक्सलियों के रेडियो ट्रांसमिशन को ट्रेस करने पर खुलासा हुआ कि करीब 20 नक्सली मारे गए हैं, जिनके शव साथी ले जाने में सफल हुए। आईजी ने बताया कि विषम परिस्थितियों और गर्मी के मौसम में जवानों ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में नई रणनीति और नए फार्मेट का उपयोग करते हुए अभियान चलाया। आइजी ने बताया कि पूरी टीम वापस आ चुकी है जबकि एक अन्य टीम गोपनीय तौर पर एक बड़े ऑपरेशन पर जंगल में प्रवेश कर चुकी है। आईजी चौहान ने वायुसेना के सहयोग की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि घायल जवानों को घटनास्थल से लाने में सही समय पर मदद की।

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